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Showing posts from March, 2020

पूज्य राजन जी- अवध से आज मिथिला में लूटाने प्यार आये हैं Lyrics by rajan ji mahraj

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भजन लिरिक्स : विवाह गीत (अवध से आज मिथला में ) राजन जी महराज  अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है | अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है || सजे सेहरे में देखो सांवले सरकार आये है | अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है || भर्मर से काली काली तिखरी घूंघर वाली अलको पर | छटा छहराते मौर के छयल दिलदार आये है | अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है || जमीन का ज़र्रा ज़र्रा है नहाया चाँदनी में आज | कि मिथला काश  पूनम चंदा चार आये है | अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है || भले दाता जगत के है शिरोमणि दानियो में है | ग्रहीता आज बन के ये जनक दरबार आये है ||  अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है || ऋचाये वेद की प्रताप जो सुन कर के अघाते है वे सुनने रस भरी गारी  यहां ससुरार आये है  सजे सेहरे में देखो सांवले सरकार आये है ||

lyrics प्याला नाम के पिये वाला श्री राम कथा भजन - राजन जी महाराज

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भजन लिरिक्स   राजन जी महराज   A Very Beautiful Bhajan " PYAALA NAAM KE PIYE WAALA" Written By Sri Shivanand Mishra . This Bhajan Is In Bhojpuri Language And Sung By Pujya Rajan Jee In Sri Ramkatha Held In Ballia. प्याला नाम के पिए वाला रे प्याला नाम के पिए वाला ज्वाला गर्ल के  गाला में धइले जिनकर साप के माला हाला हल अमृत कई दिहले आजुए ले कंठ बा काला रे प्याला नाम के पिए वाला प्याला नाम के पिए वाला रे प्याला नाम के पिए वाला नाम के हुंडी भुसुंडि भजवले खुलल कुण्डी के ताला अधम अभागा कागा बनल इ राम कथा कहे वाला प्याला नाम के पिए वाला नाम के सतुआ तू साना शिकारी छोड़ द तेल मसाला शरणागति वत्तस्ल हई हरि जी तू भज ला  दीनदयाला प्याला नाम के पिए वाला अधम अभागा कागा बनल इ राम कथा कहे वाला प्याला नाम के पिए वाला

श्री राम जन्म का सबसे अद्भुत सोहर - पूज्य राजन जी। Lyrics अइसन मनोहर मंगल मूरत

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सोहर  राजन जी महराज  ✴️पूज्य राजन जी द्वारा श्री राम जन्म के पावन अवसर पर गाया हुआ यह बहुत ही अद्भुत सोहर है। इस सोहर को स्वर्गीय श्री गायत्री कुमार ठाकुर जी ने लिखा है ✴️ अइसन मनोहर मंगल मूरत  सुहावन सुंदर सूरत नू हो  ए  राजा जी एकरे तो रहल जरूरत  मुहूर्त खूबसूरत हो  हमरा जनाता बबुआ GM होइह  न न इ तो डीएम होइह हो  ए ललना हिन्द के सितारा इ तो CM होइह  उसे ऊपर PM होइह हो  होइह वाईस चांसेरल यूनिवर्सिटी के  मेयर लंदन सिटी के नू हो  ए ललना होम सेक्ट्री गोरमिंटी के  तो हीरो अपना मिटटी के नू हो  बबुआ हमार महराज होइह  राजा और धीराज होइह हो  ए ललना धातु में हीरा पुखराज होइह  सिरवा के ताज होइह हो  मुनि बाबा अइसन बबुआ ज्ञानी होइह  राजा जी अइसन दानी होइह हो  ए ललना अखिल भूमंडल राजधानी होइह  बापे अस खानदानी होइह हो    

Lyrics हे लाल काहें छूटल लिलार पर पसीना !! PUJYA RAJAN JEE

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भजन लिरिक्स : हे लाल काहे  भजन गायक  : राजन जी महराज  छूटल लिलार पर पसीना हे लाल काहे छूटल लिलार पर पसीना शरद के परभात रहे नहीं दुपहरिया न ही रहे जेठ के महीना हे लाल काहे छूटल लिलार पर पसीना सिया जी के भूषण के रुन झुन के धुन सुनि हिय के झनकार उठल वीणा हे लाल काहे छूटल लिलार पर पसीना देखते बैदेही के विदेह होइ गइला सिया जी के प्रेम के अधीना हे लाल काहे छूटल लिलार पर पसीना नेह निधि नारायण सिया जी अँगूठी तू अंगूठी के भइला नगीना हे नाथ काहे छूटल लिलार पर पसीना छूटल लिलार पर पसीना हे लाल काहे छूटल लिलार पर पसीना

Lyrics dar par tumhare aya ram katha bhajan by rajan ji mahraj

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भजन लिरिक्स  राजन जी महराज   ✴️पूज्य राजन जी द्वारा श्री राम कथा में गाया हुआ भजन- दर पर तुम्हारे आया ठुकराओ या उठा लो, शरणागत भाव का एक बहुत ही अद्भुत भजन है। मिथिला में एक बहुत ही अद्भुत संत हुवे प्रातः स्मरणीय पूज्य श्री बांके बिहारी जी झां (करील) । यह भजन उन्हीं की रचना है । ✴️ दर पर तुम्हारे आया  ठुकराओ या उठा लो  दर पर तुम्हारे आया , ठुकराओ या उठा लो  करुणा की सिंधु मालिक , अपनी बिरद बचा लो मीरा या सबरी जैसा , पाया हृदय न मैंने  जो है दिया तुम्हारा , लो अब इसे संभालो  दर पर तुम्हारे आया , ठुकराओ या उठा लो  दिन रात अपना अपना ,  करके बहुत ठगाया  कोई हुआ न अपना ,  अपना मुझे बना लो   दर पर तुम्हारे आया , ठुकराओ या उठा लो  दोषी हु मै या सारा , ये खेल है तुम्हारा  जो हो समर्थ हो तुम , चाहे  जो  गज़ब ढालो  दर पर तुम्हारे आया , ठुकराओ या उठा लो  बस याद अपनी दे दो , सब कुछ भले ही ले लो  विषमय  करील पर अब , करुणा की दृस्टि डालो...

प्रभु हम भी शरणागत है bhajan by rajan ji mahraj lyrics

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भजन लिरिक्स : राजन जी महराज  प्रभु हम भी शरणागत है  स्वीकार करो तो जाने  अब हमे पतित से पावन  सरकार करो तो जाने  प्रेमी जन तुमको पाते  तुम  भक्ति भाव बस आते  हम कुटिल हृदय के क्लूचित  निस्तार करो तो जाने  प्रभु हम भी शरणागत है  स्वीकार करो तो जाने  ज्ञानी तुममे तन्मय है  ध्यानी भी तुम में लय है  हम अज्ञानी चंचल चित  उपकार करो तो जाने  प्रभु हम भी शरणागत है  स्वीकार करो तो जाने  क्या मुख ले विनय सुनाये  हम कैसे तुमको भाए   अगणित अपराध किये है  उद्धार  करो तो जाने  प्रभु हम भी शरणागत है  स्वीकार करो तो जाने  जीवन  नईया जर्जर है  हर छन विनाश का है  ऐसे भी एक पथिक  को   भवपार करो तो  जाने  प्रभु हम भी शरणागत है  स्वीकार करो तो जाने 

Lyrics Gira ja raha hu utha lo utha lo by rajan ji mahraj , bhagti bhajan lyrics

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भजन लिरिक्स  राजन जी महराज     " गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो "बहुत ही सूंदर भजन पूज्य राजन जी महराज द्वारा हुआ अद्भुत भजन है।   तर्ज : अँखियो को रहने दे अँखियो के आस पास  भजन  प्रभु  अपने दर से अब तो न टालो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो खाली न जाता कोई दर से तुम्हारे द्वारे खड़ा हु नन्ही बाहे पसारे चरणों की सेवा में लगा लो लगा लो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो प्रभु  अपने दर से अब तो न टालो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो नहीं टूट पायेगा दुनिया का बंधन जब तक कृपा न होगी तेरी रघुनंदन कदम लड़खड़ाए है संभालो संभालो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो अगर था हटाना तो फिर क्यों बुलाया सोते ही रहने देते काहे जगाया अब जब जगाया तो अपना बना लो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो प्रभु  अपने दर से अब तो न टालो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो बंधन प्रताप सारे टूट चुके है जितने सहारे थे छूट चुके है अवसर मिला है अपना वादा निभा लो गिरा गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो प्रभु  अपने दर से अब तो न टा...

हर हाल में खुश रहना संतों से सीख जाएं। राजन जी महाराज lyrics

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भजन लिरिक्स : राजन जी महराज  हर हाल में खुश रहना संतो से सीख जाए | हर हाल में खुश रहना संतो से सीख जाए || महफ़िल में जुदा  रहना  जाए  संतो से सीख जाए |  हर हाल में खुश रहना संतो से सीख जाए || सुख दुःख में हसना रोना है काम कायरो का |  दोनों में मुस्कुराना संतो से सीख जाए || हर हाल में खुश रहना संतो से सीख जाए | झंझट से भाग जाना सब लोग बताते है | झंझट में बच के रहना संतो से सीख जाए || हर हाल में खुश रहना संतो से सीख जाए | मरने के बाद मुक्ति सब लोग बताते है | जीते जी मुक्त होना संत से जाए || हर हाल में खुश रहना संतो से सीख जाए | दुनिया के लोग दौलत पाकर के मुस्कुराते | पर भिछु बन के हसना संतो से सीख जाए || हर हाल में खुश रहना संतो से सीख जाए |

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये bhajan Lyrics by rajan ji mahraj

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भजन लिरिक्स  राजन जी महराज  सीता राम सीता राम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये |  मुख में हो राम नाम राम सेवा हाथ में, तू अकेला नाहिं प्यारे राम तेरे साथ में | विधि का विधान जान हानि लाभ सहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये || किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा, होगा प्यारे वही जो श्री रामजी को भायेगा | फल आशा त्याग शुभ कर्म करते रहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये || ज़िन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के, महलों मे राखे चाहे झोंपड़ी मे वास दे | धन्यवाद निर्विवाद राम राम कहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये || आशा एक रामजी से दूजी आशा छोड़ दे, नाता एक रामजी से दूजे नाते तोड़ दे | साधु संग राम रंग अंग अंग रंगिये, काम रस त्याग प्यारे राम रस पगिये ||

Lyrics Aasra is jahan ka mile na mile bhajan by rajan ji mahraj

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भजन लिरिक्स  राजन जी महराज   आसरा इस जहाँ का मिले न मिले  राजन जी महराज द्वारा गया हुआ भजन  " आसरा इस जहाँ का मिले न मिले " दिल को छू लेने वाला भजन है।  यह भजन वर्ष 2008 आगरा में हुई राम कथा में पूज्य राजन जी महराज जी ने गया है  भजन  आसरा इस जहाँ का मिले न मिले  मुझको तेरा सहारा सदा चाहिए  चाँद तारे फलक पर दिखे न दिखे  मुझे तेरा इशारा सदा चाहिए  आसरा इस जहाँ का मिले न मिले   यहाँ खुशियाँ है कम और ज्यादा है गम  जहाँ देखो वही है भरम भरम ही भरम  मेरी चाहत की दुनिया  बसे न बसे मेरे दिल में बसेरा तेरा चाहिए  आसरा इस जहाँ का मिले न मिले  मेरी धीमी है चाल और पथ है विषाल  हर कदम पर मुसीबत है अब तू संभाल  पैर मेरे थके है चले न चले  मेरे दिल को  इशारा तेरा सदा चाहिए  आसरा इस जहाँ का मिले न मिले भजन : सीता राम सीता राम सीता राम कहिये 

पूज्य राजन जी- अवध बिहारी हो आये शरण तिहारी। lyrics by rajan ji mahraj

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भजन लिरिक्स  राजन जी महराज  अवध बिहारी हो आये शरण तिहारी   "AVADH BIHARI HO AAYE SHARAN TIHARI". This is a very beautiful Bhajan sung by PUJYA RAJAN Ji in Sri Ram Katha held in Jaipur in the year 2018. अवध बिहारी हो हम आये शरण तिहारी  संकट हारी हो आये शरण तिहारी  महापातकी रहा अजामिल उसे मिल सुरधाम  नारायण आ गये लिया जब पुत्र का अपने नाम  संकट हारी हो आये शरण तिहारी  अवध बिहारी हो आये शरण तिहारी जब जल में गजराज ग्राह में   युद्ध हुआ घनघोर  हार गया गजराज तो बोला दौड़ो नन्द किशोर  सुदर्शन धारी हो आये शरण तिहारी  अवध बिहारी हो आये शरण तिहारी  हिरंकुश प्रह्लाद को जब बांधा खंबे के साथ    तब बोला प्रह्लाद कहा हो आओ दीनानाथ    शरण हितकारी हो आये शरण तिहारी  अवध बिहारी हो आये शरण तिहारी भजन : बधाईया बाजे 

क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे Lyrics । Pujya rajan ji Maharaj

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भजन लिरिक्स : राजन जी महाराज  ✴️ पूज्य राजन जी द्वारा गाया हुवा ये भजन- क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे, शरणागति भाव का एक बहुत ही सुंदर भजन है। इस भजन को पूज्य राजन जी ने श्री खाटूश्याम, राजस्थान की श्री रामकथा में गाया है जो नवंबर 2019 में हुई थी । इस भजन की रचना प्रातः स्मरणीय परम पूज्य साकेतवासी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज ने की है।✴️ किस लिए आस छोड़े कभी न कभी  छड़ बिरह के मिलन में बदल जाएंगे  नाथ कब तक रहेंगे खड़े एक दिन  देख कर प्रेम आंसू पिघल जाएंगे   किस लिए आस छोड़े कभी न कभी  .....  शबरी केवट जटायु अहिल्यादि के  पास पहुंचे प्रभु त्याग कर के अवध  ये है घटना ये सच तो भरोसा हमे  खुद न खुद आप आकर के मिल जाएंगे  किस लिए आस छोड़े कभी न कभी  .....  दरस देने को रघुवर जी आएंगे जब  हम न मानेंगे अपनी चलाये बिना  जाने देंगे न वापस किसी  शर्त पर बस कमल पद पकड़ कर मचल जाएंगे  किस लिए आस छोड़े कभी न कभी  .....  फिर सुनाएंगे खोटी खरी आपको...

बरस रही प्रभु की कृपा अपार lyrics ! Bhajan By rajan ji mahraj

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भजन : बरस रही प्रभु की कृपा अपार  प्रभु सब में सम्भाव विराजै सब का करे कल्याण बरस रही प्रभु  की कृपा अपार कान मिले सतसंग सुनने को नैन मिले दर्शन  करने को हाथ मिले  सेवाकर के नर मानव जन्म सुधार बरस रही प्रभु  की कृपा अपार जीभ मिली हरिनाम जपन को बुद्धि मिली है श्रवण मनन को श्रवण मनन नित अध्यन करके हो जा भाव से पार बरस रही प्रभु  की कृपा अपार धन यौवन  का मान न कीजै मानव जन्म सफ़ल लीजै राम नाम का सुमिरन करके हर में हरि निहार बरस रही प्रभु  की कृपा अपार प्रभु सब में सम्भाव विराजै सब का करे कल्याण बरस रही प्रभु  की कृपा अपार सतसंग सेवा सुमिरन कर ले श्रदा भक्ति से झोली भर ले राम कथा की गंगा नहाले भिक्छु कहे पुकार बरस रही प्रभु  की कृपा अपार प्रभु सब में सम्भाव विराजै सब का करे कल्याण बरस रही प्रभु  की कृपा अपार

lyrics तन तर ना सकेगा मूर्ख प्राणी राम के बिना ! rajan ji mahraj bhajan

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भजन : तन  तर ना  सकेगा मूर्ख  प्राणी राम के बिना     तन  तर ना  सकेगा मूर्ख  प्राणी राम के बिना  सुख पा न जीवन भर  सुखधाम के  बिना  तन  तर ना  सकेगा मूर्ख  प्राणी राम के बिना  बिन पानी के नाँव चले न  नदी बिन दीप जले  नारी सुहागन नहीं लगे  जब तक ना माँग भरे  नीलकंठ कोई हो ना सका है  विषपान के बिना  सुख पा न जीवन भर  सुखधाम के  बिना  तन  तर ना  सकेगा मूर्ख  प्राणी राम के बिना  चंदन बिना  ललाट  शोभे योगी ज्ञान बिना  जो धनवान ना शोभित होता  है न दान बिना  तीर्थ तप बेकार सभी है  हरिनाम के बिना  तन  तर ना  सकेगा मूर्ख  प्राणी राम के बिना  सुख पा न जीवन भर  सुखधाम के  बिना तन  तर ना  सकेगा मूर्ख  प्राणी राम के बिना 

Lyrics maa ne manush janam tujhko heera diya | vaishno devi live aarti bhajan

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भजन :  माँ ने मनुष्य जन्म तुझको हीरा दिया   माँ ने मनुष्य जन्म तुझको हीरा दिया  तू व्यथा  ही गवाए तो माँ क्या करे  मूल वेदो में सब कुछ बता ही दिया  जो समझ में न आये तो माँ क्या करे  माँ ने मनुष्य जन्म .............  तू व्यथा ही  अन्न दूध आदि सब खाने को दिआ  मेवा मिष्ठान  भी माँ ने पैदा किया  फिर भी निर्दय जीव सताने लगा  तू अगर मॉस खाये तो माँ क्या करे  माँ ने मनुष्य जन्म .............  तू व्यथा ही दीन दुखियों के दिल को दुखाने  लगा  रात दिन पाप में मन लगाने लगा  तूने जैसा किया वैसा पाने लगा  आज आंसू बहाये तो माँ क्या करे  माँ ने मनुष्य जन्म .............  तू व्यथा ही नाम माँ का तेरा पाप भी काट दे  जो तू पाप करन से मन डांट ले  माँ तो चाहती है तू आजा माँ की शरण  अगर तू ही न आये तो माँ क्या करे  माँ ने मनुष्य जन्म .............  तू व्यथा ही छोड़ कर छलकपट आजा माँ  की शरण  कट जाये सहज तेरा आवा गमन  फिर भी माँ ...

भीलनी करती रास्ता साफ़ मेरे घर राम पधारेंगे | lyrics bheelni karti rasta saaf mere ghar ram padharenge by rajan ji mahraj

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भजन  : भीलनी करती रास्ता साफ़ मेरे घर राम पधारेंगे  भीलनी करती रास्ता साफ़ मेरे घर राम पधारेंगे  भीलनी करती रास्ता साफ़ मेरे घर राम पधारेंगे     मेरे भगवान पधारेंगे राम लखन की सूंदर जोड़ी नयन निहारेंगे  राम लखन की सूंदर जोड़ी नयन निहारेंगे  दीना नाथ दया कर मुझ भीलनी को तारेंगे  भीलनी करती रास्ता साफ़ मेरे घर राम पधारेंगे  मेरे भगवान पधारेंगे सोभा धाम राम रघुकुल मणि मेरे  संकट टारेंगे  जन्म जन्म की मैं  दुखियाँ मेरे कष्ट मिटाएंगे  भीलनी करती रास्ता साफ़ मेरे घर राम पधारेंगे           मेरे भगवान पधारेंगे विषय भोग की आषा तृष्णा हम तज डारेंगे  काम क्रोध दो शत्रु हमारे अब इनको मारेंगे  भीलनी करती रास्ता साफ़ मेरे घर राम पधारेंगे  मेरे भगवान पधारेंगे मेरे भगवान पधारेंगे  , मेरे घर राम पधारेंगे  मेरे भगवान पधारेंगे  , मेरे घर राम पधारेंगे 

भजन लिरिक्स जब जब याद पड़े रघुराई | jab jab yaad pade raghurai bhajan by rajan ji mahraj

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भजन : जब जब याद पड़े रघुराई गायक : राजन जी महराज जब जब याद पड़े रघुराई प्राण निकलना चाहे रे माई जब जब याद पड़े रघुराई कैसे होंगे भैया मेरे  तपती धरा पर और जलती धुप में कंकरी राहे , नंगे पाँव भाभी किस रूप में  कोई न समझे पीर पराई जब जब याद पड़े रघुराई डर लगता है भैया  मुझे अब कभी न अपनाएंगे अपने हृदय का शीसा , कैसे हम निकल कर दिखाएँगे कैसे सहेंगे  .... ये लम्भी जुदाई जब जब याद पड़े रघुराई प्राण निकलना चाहे रे माई जब जब याद पड़े रघुराई जब जब याद पड़े रघुराई

Lyrics Sita ke Chadhela Hardia he bda suhavan lage bhajan | सीता के चढ़ेला हरदिया हे | राजन जी महराज

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भजन : हल्दी गीत , आज जनकपुर में मडवा गायक : राजन जी  महराज आज जनकपुर में मड़वा ,  बड़ा सुहावन लागे  सीता के चढ़ेला हरदिया  ,  मन भावन लागे  हर हरे बसंवा ,  कटवले जनक राजा  मन में सुनैना माई के,  बजे ला आनंद बाजा  शोर भइले सगरी महलिया , बड़ा सुहावन लागे  सीता के चढ़ेला हरदिया  मन भावन लागे  धनि रे नगरिया के उमड़ल भगिआ  लग ली सुनार सिया के अमर सुहागिया  चौका पुरावल अंगनवा बड़ा पावन लागे  सीता के चढ़ेला हरदिया  मन भावन लागे  आँखि के पुतरिया के , जब भेजबो नगरिया  धरती दरक जैहह , गिरीयह बिजुरिआ  धर धर बरसे नयनवा , जैसे सावन लागे  सीता के चढ़ेला हरदिया,   मन भावन लागे  आज जनकपुर में मड़वा ,  बड़ा सुहावन लागे  सीता के चढ़ेला हरदिया  ,  मन भावन लागे  सीता के चढ़ेला हरदिया  ,  मन भावन लागे 

Lyrics | हरि बोल मेरी रसना घडी घडी | rajan ji mahraj bhajan

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भजन लिरिक्स  : हरि बोल मेरी रसना  भजन :-  व्यर्थ बिताती है क्यों जीवन  इस मुख मंदिर में पड़ी पड़ी  ||  हरि बोल मेरी रसना  घड़ी घड़ी ||  जाग उठे तेरी ध्वनि सुनकर  जाग उठे तेरी ध्वनि सुनकर  इस काया की कड़ी कड़ी  हरि बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी ||  व्यर्थ बिताती है क्यों जीवन  व्यर्थ बिताती है क्यों जीवन  इस मुख मंदिर में पड़ी पड़ी  ||  हरि बोल मेरी रसना  घड़ी घड़ी ||  नित्य निकाल राम नाम धुन  नित्य निकाल राम नाम धुन  स्वास स्वास पर लड़ी लड़ी  ||  हरि बोल मेरी रसना  घड़ी घड़ी ||  बरसा दे हरिनाम सुधा रस  बरसा दे प्रभु नाम सुधा रस  बिंदु बिंदु से झड़ी झड़ी ||  हरि बोल मेरी रसना  घड़ी घड़ी ||  व्यर्थ बिताती है क्यों जीवन  इस मुख मंदिर में पड़ी पड़ी  ||  हरि बोल मेरी रसना  घड़ी घड़ी || 

नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे | Lyrics | rajan ji mahraj

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भजन लिरिक्स : नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे Singer  : राजन जी महराज  नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे  || पाके हरि प्रेम निश्चित ही तर जाओगे नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे  || चाहे हो तुम पतित या पवित्र आत्मा गाके हरि नाम भक्ति का रस पाओगे नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे  || करके करुणा मनुज देह प्रभु ने किया क्यों नहीं राम का नाम तुम गाओगे  || नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे || सुद्ध होगा हृदय नाम कीर्तन से ही प्रेमिओ के चरण में ही तुम धाओगे नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे  || दास सेवा बिनय नाम प्रेमी बनो राम निज दास के हिय में तुम छाओगे  || नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे  || पाके हरि प्रेम निश्चित ही तर जाओगे नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे  ||

राघव जी तुम्हे ऐसा किसने बनाया भजन लिरिक्स | राजन जी महराज

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भजन Lyrics  :  राघव जी तुम्हे ऐसा किसने बनाया  ऐसा सूंदर स्वभाव कहाँ पाया  राघव जी तुम्हे ऐसा किसने बनाया  ||  परनारी पर दृस्टि न डाली  ऐसी तुम्हरी प्रकृति निराली  तुम्हे बाल्मीक तुलसी ने गाया  राघव जी तुम्हे ऐसा किसने बनाया  ||  ऐसा सूंदर स्वभाव कहाँ पाया  राघव जी तुम्हे ऐसा किसने बनाया  ||  अवगुण देख के क्रोध न आता  भक्तो को देख के प्रेम न समाता  धन्य कौसल्या जु  जिसने तुम्हे जाया  राघव जी तुम्हे ऐसा किसने बनाया  ||  ऐसा सूंदर स्वभाव कहाँ पाया  राघव जी तुम्हे ऐसा किसने बनाया  ||  अपने किये का अभिमान न तुमको  निज जान का सन्मान है तुमको  तुम्हे राम रामभद्राचर्य अति भाया  राघव जी तुम्हे ऐसा किसने बनाया  ||  ऐसा सूंदर स्वभाव कहाँ पाया  राघव जी तुम्हे ऐसा किसने बनाया  ||  प्रभु जी तुम्हे  ऐसा किसने बनाया  || 

Lyrics ना जाने कौन से गुण पर दयानिधि रीझ जाते है | राजन जी महराज

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Bhajan Lyrics : ना जाने कौन से गुण पर दयानिधि  रीझ जाते है   Singer : राजन जी महराज   न जाने कौन से गुण पर  दयानिधि रीझ जाते है  नहीं स्वीकार करते है  निमंत्रण  नृप सुयोधन का  विदुर के घर पहुंच कर  भोग छिलको का लगते है  न जाने कौन से गन पर  दयानिधि रीझ जाते है  न आये मधुपुरी गोपियों की  दुःख व्यथा सुन कर  द्रुपद जा की दशा  पर  द्वारिका से दौड़े आते है  न जाने कौन से गुण पर  दयानिधि रीझ जाते है  न रोये वनगमन में  श्री पिता की वेदनाओं पर  उठा क्र गीध को निज  गोद में आंसू बहाते है  न जाने कौन से गुण पर  दयानिधि रीझ जाते है  कठिनता से चरण धो कर  मिले कुछ बिंदु बिधि हर को  वो चरणों तक स्वं केवट  के घर जाकर लुटाते है    न जाने कौन से गुण पर  दयानिधि रीझ जाते है  न जाने कौन से गुण पर ......