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Showing posts from March, 2022

अइसन सुंदर देहियाँ बार-बार ना मिली भजन लिरिक्स - Aisan sunder dehiya baar baar na mili bhajan lyrics

बहुत ही सुंदर भजन जिसे सुनकर और गाकर मन प्रफुलित हो जाता है  अइसन सुंदर देहिया बार बार ना मिली भजन लिरिक्स   मुर्ख जिया भज  राम सिया अइसन सुंदर देहियाँ बार-बार ना मिली, बिना भजन के नैया भव से पार ना लगी , जिंदगी के आस नइखे , कईला भजनीया , माया के बाजार में एक दिन छुटी जाई दुनिया , राम नाम के दिया , बारा अपने हिया , कबहू जीवन पथ में अंधियार न मिली , बिना भजन के नैया भव से पार न लगी ,

धुला लो पांव राघव जी -- Dhula lo paav raghav ji agar jjo paar jana hai bhajan lyrics

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धुला लो पांव राघव जी --  Dhula lo paav raghav ji agar jjo paar jana hai bhajan lyrics   धुला लो पांव राघव जी , अगर जो पार जाना है , अगर जो पार जाना है , अगर जो पार जाना है , धुला लो पांव राघव जी , अगर जो पार जाना है। पार करते हो सब जग को , नाव का तो बहाना है , तुम्हारे चरणों की धूलि , सुना है जादू करती है , जो छू जाए अगर पत्थर तो , सुंदर नारी बनती है , जो पत्थर नारी बन जाए तो , काठ का क्या ठिकाना है , धुला लो पांव राघव जी , अगर जो पार जाना है। हमारी नाव ही परिवार , का अंतिम सहारा है , बिना इसके ओ राघव जी , कहाँ मेरा गुजारा है , ये नैया जिंदगी मेरी ना , कोई भी ठिकाना है , धुला लो पांव राघव जी , अगर जो पार जाना है। आएंगे मेरे राघवजी मेरे , दिल में तमन्ना थी , करें उद्धार मेरा भी लगन , दिल में लगाई थी , सफल जीवन करूं अपना ना , अब कोई बहाना है , धुला लो पांव राघव जी , अगर जो पार जाना है।    

Meri Naiya me lachman ram ganga maiya dheere baho bhajan lyrics - मेरी नैया में लछमन राम

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    Meri Naiya me lachman ram ganga maiya dheere Baho  Bhajan lyrics   मेरी नैया में लछमन राम गंगा मैया धीरे बहो धीरे बहो मैया धीरे बहो मेरी नैया में लछमन राम , गंगा मैया धीरे बहो   कौन की गंगा , कौन की नैया कौन है लछमन राम गंगा मैया धीरे बहो मेरी नैया में लछमन राम गंगा मैया धीरे बहो   भगीरथ की गंगा , केवट की नैया भगीरथ की गंगा , केवट की नैया राजा दशरथ के लछमन राम , गंगा मैया धीरे बहो मेरी नैया में लछमन राम गंगा मैया धीरे बहो   काहे आई नैया , काहे आई गंगा , काहे आये लछमन राम , गंगा मैया धीरे भरो मेरी नैया में लछमन राम गंगा मैया धीरे बहो पाप हरे गंगा , पार करे नैया पाप हरे गंगा , पार करे नैया भगतन हित लछमन राम गंगा मैया धीरे बहो मेरी नैया में लछमन राम गंगा मैया धीरे बहो   धीरे बहो मैया धीरे बहो धीरे बहो मैया धीरे बहो मेरी नैया में लछमन राम गंगा मैया धीरे बहो      

Maiya Tere Charno Ki gar dhool jo mil jaye - मैया तेरे चरनो की गर धुल जो मिल जाए भजन lyrics

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  Maiya Tere Charno Ki gar dhool jo mil jaye bhajan lyrics -   मैया तेरे चरनो की गर धुल जो मिल जाए भजन   मैया तेरे चरणों की पग धूल जो मिल जाए सच कहता   हूँ   मैया तकदीर बदल जाए मैया तेरे चरणों की.... सुनता   हु   तेरी रहमत दिन रात बरसती है सुनता   हु   तेरी रहमत दिन रात बरसती है एक बूँद जो मिल जाए , मन की कली खिल जाए मैया तेरे चरणों की पग धूल जो मिल जाए सच कहता   हूँ   मैया तकदीर बदल जाए मैया तेरे चरणों की.... ये मन बड़ा चंचल है कैसे तेरा भजन करूँ जितना इसे समझाउँ उतना ही मचलता है मैया तेरे चरणों की पग धूल जो मिल जाए सच कहता   हूँ   मैया तकदीर बदल जाए मैया तेरे चरणों की.... नज़रों से गिराना ना चाहे जितनी सज़ा देना नज़रों से जो गिर जाए मुश्किल ही सम्भल पाए मैया तेरे चरणों की पग धूल जो मिल जाए सच कहता   हूँ   मैया तकदीर बदल जाए मैया तेरे चरणों की.... मैया इस जीवन में बस एक तमन्ना है तुम सामने हो मेरे मेरा दम ही निकल जाए मैया तेरे चरणों की पग धूल जो मिल जाए सच कहती...

Ek din vo bhole bhandari ban kar ke brij nari एक दिन वो भोले भंडारी , बन कर के ब्रिज नारी गोकुल में आ गए है भजन लिरिक्स जया किशोरी जी

लिरिक्स " एक दिन वो भोले भंडारी , बन कर के ब्रिज नारी गोकुल में आ गए है " एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज की नारी गोकुल में आ गये है पारवती भी मना के हारी ना माने त्रिपुरारी, गोकुल में आ गये है पारवती से बोले मैं भी चलूँगा तेरे संग में, राधा संग श्याम नाचे मैं भी नाचूँगा तेरे संग में, रास रचेगा ब्रिज में भारी हमें दिखो प्यारी , गोकुल में आ गये है...... ओ मेरे भोले स्वामी कैसे ले जाओ तोहे साथ में, मोहन के सिवा वहा कोई पुरुष ना जाये रास में, हँसी करे गी ब्रिज की नारी मान लो बात हमारी, गोकुल में आ गये है...... ऐसा बनादो मुझे को  कोई न जाने इस राज को, मैं हु सहेली तेरी  ऐसा बताना ब्रिज राज को, बना के जुड़ा पहन के साड़ी  चाल चले मत वाली, गोकुल में आ गये है....... देखा मोहन ने जब तो  समझ गए ओ सारी बात रे  ऐसी बजायी बंसी  सूद बूद भूले भोलेनाथ रे  सर से खिसक गयी जब साड़ी  मुस्काए गिरधारी  भोले शर्मा गए है एक दिन वो भोले भंडारी  बन कर के ब्रिज की नारी  गोकुल में आ गये है पारवती भी मना के हारी  ना माने त्रिपुरारी गोकुल में आ गये है...