क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे Lyrics । Pujya rajan ji Maharaj
भजन लिरिक्स :
राजन जी महाराज
✴️ पूज्य राजन जी द्वारा गाया हुवा ये भजन- क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे, शरणागति भाव का एक बहुत ही सुंदर भजन है। इस भजन को पूज्य राजन जी ने श्री खाटूश्याम, राजस्थान की श्री रामकथा में गाया है जो नवंबर 2019 में हुई थी । इस भजन की रचना प्रातः स्मरणीय परम पूज्य साकेतवासी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज ने की है।✴️
किस लिए आस छोड़े कभी न कभी
छड़ बिरह के मिलन में बदल जाएंगे
नाथ कब तक रहेंगे खड़े एक दिन
देख कर प्रेम आंसू पिघल जाएंगे
किस लिए आस छोड़े कभी न कभी .....
शबरी केवट जटायु अहिल्यादि के
पास पहुंचे प्रभु त्याग कर के अवध
ये है घटना ये सच तो भरोसा हमे
खुद न खुद आप आकर के मिल जाएंगे
किस लिए आस छोड़े कभी न कभी .....
दरस देने को रघुवर जी आएंगे जब
हम न मानेंगे अपनी चलाये बिना
जाने देंगे न वापस किसी शर्त पर
बस कमल पद पकड़ कर मचल जाएंगे
किस लिए आस छोड़े कभी न कभी .....
फिर सुनाएंगे खोटी खरी आपको
और पूछेंगे देरी लगाई कहा
फिर निवेदन करेंगे न छोड़ो हमे
प्रभु की जूठन प्रासदि में पल जाएंगे
किस लिए आस छोड़े कभी न कभी .....
स्वप्न साकार होगा कभी राम जी
जन पे हो जाये थोड़ी कृपा आपकी
पूर्ण कर दो मनोरथ ये राजेश का
जाने कब प्राण तन से निकल जाएंगे
किस लिए आस छोड़े कभी न कभी
छड़ बिरह के मिलन में बदल जाएंगे
किस लिए आस छोड़े कभी न कभी .....
किस लिए आस छोड़े कभी न कभी .....
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