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Showing posts from April, 2020

वन को चले श्री राम रघुरईया भजन लिरिक्स | गोलू ओझा | राम वनवास का मार्मिक भजन

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भजन लिरिक्स  बन को चले श्री राम रघुरैया  वन को चले  श्री राम रघुरईया  संग  में  है लछमन संग  सीता मइया     वन को चले  प्राणो से प्यारे भइया  रोये अवध के सब रहवइया  रोवे सुमित्रा कौशलया  कैकयी  मइया  संग  में  है लछमन संग  सीता मइया   रुको जरा रुको भइया  मैं  साथ नहीं छोडूंगा  जन्म जन्म  का रिश्ता  नाता नहीं तोडूंगा  रोके अवध के सब रहवइया  संग  में  है लछमन संग  सीता मइया  वन को चले  प्राणो से प्यारे भइया  रोये अवध के सब रहवइया 

आज राम राजा बने भजन लिरिक्स by Rajan Ji Mahraj

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आज राम राजा बने भजन  राजन जी महाराज  देखो राजा बने महाराज  आज राम राजा  बने  मंगल  साज  सजे घर घर में  पूजा पात्र  लिए सब  कर  में  चले आरती करन के काज  आज राम  राजा बने  देखो राजा बने महाराज  आज राम राजा  बने  दासी  दास आनदं मनावे  कौसल्या आदि मात सब गावे  वेद वाणी पढ़े मुनिराज  आज राम राजा बने  देखो राजा बने महाराज  आज राम राजा  बने  वस्त्र आभूषण तन पर साजे  सिंघासन पर राम विराजे  जड़े मोती सर ताज  आज राम राजा बने  देखो राजा बने महाराज  आज राम राजा  बने  युवक युवती सब हिल मिल गावे  बाल वृद्ध आनदं मनावे  कहे धन्य धन्य  हो गए आज  आज राम राजा बने  देखो राजा बने महाराज  आज राम राजा  बने  संत भक्त खड़ताल बजावे  सियाराम की कुशल मनावे  संग भिक्षु यदि योगिराज  आज राम राजा बने  देखो...

jekar nath raghunath u sanath jag me bhajan lyrics by rajan ji mahraj

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 राजन जी महराज भजन लिरिक्स  जेकर नाथ रघुनाथ ,  ऊ  सनाथ जग में  भजन  जेकर नाथ रघुनाथ ,  ऊ  सनाथ जग में    ऊ सनाथ जग में , ऊ सनाथ जग में  जेकर नाथ रघुनाथ  उ सनाथ जग में   kya kaha prabhu ram ko vanvasio ne ayodhya chor ke jaate samay शबरी निषाद , कोल भील कपि भालू  सबके अपनावेले अइसन कृपालु  इनका रहते कोई न अनाथ जग में  जेकर नाथ रघुनाथ ,  सनाथ जग में    जन अवगुण कबहुँ ध्यान न आने  राइ भर गुड़ के पहाड़ करे जाने  कहवा दूसर अइसन कउनो नाथ जग में  जेकर नाथ रघुनाथ , ऊ सनाथ जग में  खीझे तो धाम देते  रीझे राजधानी  कहवा उदार अइसन कहवा के दानी  कहाँ लडू दुनो हाथ जग में  जेकर नाथ रघुनाथ , ऊ सनाथ जग में  अइसन स्वभाव कही देखनी न सुननी  सोच के समझ के तब इन्हनि के चुननी  अब झुकावे परताप कहाँ मात जग में  जेकर नाथ रघुनाथ , ऊ सनाथ जग में  ऊ सनाथ जग में , ऊ सनाथ जग में  जेकर...

lyrics उमग नाम नदिया नहाले मनवा by rajan ji mahraj bhajan | Lyrics

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उमग नाम नदिया नहाले मनवा  राजन जी महराज भजन लिरिक्स  भजन  उमग नाम नदिया नहाले मनवा  उमग नाम नदिया नहाले मनवा  नहाले मनवा ,  नहाले मनवा  शीतल निर्मल नाम नदी जल  शीतल निर्मल नाम नदी जल  जन्म की तपन बुझा ले मनवा  उमग नाम नदिया नहाले मनवा  लख चौरासी भरमत थाके  हियरा के थकन मिटाले मनवा  उमग नाम नदिया नहाले मनवा  जग कंटक बन घायल पग भये   कटवा के चुभन मिटा ले मनवा  उमग नाम नदिया नहाले  मनवा अब करील जीवन पतझर बिच  हियमधुमन ही सज़ा ले मनवा   उमग नाम नदिया नहाले  मनवा अब नहाले मनवा , हे नहाले मनवा  उमग नाम नदिया नहाले  मनवा

lyrics ई शरीरिया राउर हउवे भगवान बाबूजी bhajan by rajan ji mahraj

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❇️ ई शरीरिया राउर हउवे भगवान बाबूजी ❇️ राजन जी महराज भजन लिरिक्स भजन   इ शरीरया राउर  हउवे भगवान बाबू जी  पल पल राखी एकर नीमने से ध्यान बाबू जी  इ शरीरया राउर  हउवे भगवान बाबू जी  ऐके मल मल  नहवाई  एहमे इत्र फुलेल लगाई  लख चौरासी में बनाई  आपन पहिचान बाबू जी  इ शरीरया राउर  हउवे भगवान बाबू जी  माई बाबू रउवा के दिहले  बदला में कुछु न लिहले  उनकी चरनन में लगवले रही  ईमान बाबू जी  इ शरीरया राउर  हउवे भगवान बाबू जी  इ ह  जन्म जन्म के पूंझी  ऐके सस्ता नहीं बूझी  ऐके  धारण कइनी  करुणा निदान बाबू जी  इ शरीरया राउर  हउवे भगवान बाबू जी  ऐके निर्मल स्वच्छ बनाई  एहमे कचरा जन पहुंचाई  इ ह धरती के  अद्भुत सामान बाबू जी  इ शरीरया राउर  हउवे भगवान बाबू जी  आपन जीवन सफल बनाई  संसिआ संसिआ पे  हरि गन गाई  एही से मिल जइह...

lyrics हरि गुन गा के जीवन बनाले पगला। पूज्य राजन जी द्वारा बहुत ही सुंदर भोजपुरी भजन।

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Bhajan lyrics rajan ji mahraj   हरि गुन गा के जीवन बनाले पगला। Bhajan हरि गुण  गा के  जीवन बना ले पगला  हरि के भजन न कइला  घर के न घाट के भइला  देहिया के पा जीवन बना ले पगला  हरि गुण गा जीवन बना ले पगला  गणिका अजामिल गिद्ध  सबरी हो गइली सिद्ध  बेरिये खिया के  जीवन बना ले पगला  हरि गुण  गा के  जीवन बना ले पगला  गावेले दास गायत्री  माहुर हो गइनी मिश्री  देखला आज़मा के  जीवन बना ले पगला  हरि गुण गा के  जीवन बना ले पगला  मनवा लगा के  जीवन बना ले पगला 

क्या कहा वनवासियों ने प्रभु श्री राम को देखकर !! PUJYA RAJAN JEE कइसे सहीहें वियोग ओह नगरी के लोग

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भजन लिरिक्स :  कइसे सहीहें वियोग ओह नगरी के लोग कैसे सहिये वियोग  ओह नगरी के  लोग  नगरी लोग  ओह नगरी के लोग  कैसे सहिये वियोग  ओह नगरी के  लोग  रवि अइसन बाटे छवि  के बा जे बर्नी क दी  क्स   x 3  सूरत मूरत अइसन बाटे  कोठरी में राखे जोग  कैसे सहिये वियोग  ओह नगरी के  लोग  अंग बा मुलायम अमोला  अमोला कहा अइसन  होला  देखि के भीतरी गयत्री के  उमडेला प्रेम डोर  कैसे सहिये वियोग  ओह नगरी के  लोग 

लिरिक्स अवध बिहारी हो, आए शरण तिहारी | पूज्य राजन जी महराज

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भजन लिरिक्स  :  अवध बिहारी हो राजन जी महराज पूज्य राजन जी द्वारा गाया हुवा ये भजन- अवध बिहारी हो, आए शरण तिहारी, ऐसा भजन आजतक आप नही सुने होंगे। इस भजन मे भगवान के शरणागति के महत्व को बताया गया है। इस भजन को पूज्य राजन जी ने जामनगर, गुजरात की श्री रामकथा में गाया है जो दिसंबर 2019 में हुई थी। इस भजन की रचना पूज्य श्री तारकेश्वर मिश्र ( राही जी ) ने की है। अवध बिहारी हो कनक बिहारी हो हम आये शरण तिहारी गिरवर धारी हो आये शरण तिहारी महापातकी रहा अजामिल उसे मिला सुरधाम नारायण आ गए लिया जब पुत्र का अपने नाम संकट हारी हो आये शरण तिहारी जब जल में गजराज ग्राह में युद्ध हुआ घनघोर हार गया गजराज तो बोला दौड़ो नन्द किशोर सुदर्शन धारी हो  आये शरण तिहारी हिरनाकुश प्रह्लाद को जब  बांधा खम्बे के साथ तब बोला प्रहलाद कहा हो आओ दीना नाथ भगत हितकारी हो आये शरण तिहारी

Lyrics Raghav Lalan Tere Komal Charan | Bhajan | Pujya Shri Prembhushan Ji Maharaj

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Lyrics Raghav Lalan Tere Komal Charan Prembhushan Ji Mahraj राघव ललन  तेरे कोमल चरण  कही कंकरिया गढ़ नहीं जाय  नव राजीव चरण अरुनारी  खेलन बिनु पानही न पधारे  नीरज नयन मोद मंगल अयन  लाल तेरी लेती बलाय  राघव ललन  तेरे कोमल चरण  कही कंकरिया गढ़ नहीं जाय  रबि कर उदित शीश नहीं छाडे  बदन निरख सर सुजस सकुचाहीं  सूरज किरण परे असरन शरण  कहु मुखड़ा नहीं कुम्लाह  राघव ललन  तेरे कोमल चरण  कही कंकरिया गढ़ नहीं जाय  लालन यही आंगन मिल खेलो  कल बल बचन तोतले बोले  चितवन चपल चाल मंजुल मचल  देखि सुषमा सरस सरसाय  राघव ललन  तेरे कोमल चरण  कही कंकरिया गढ़ नहीं जाय  खेलन को अब दूरी न जाओ  ठुमुक ठुमक पग नाच दिखाओ  सूंदर सूयन देव बरसे सुमन  दास गिरधर बलि बलि जाय  राघव ललन  तेरे कोमल चरण  कही कंकरिया गढ़ नहीं जाय 

सबसे ऊँची प्रेम सगाई Bhajan Lyrics by Prembhushan ji maharaj

भजन :  सबसे ऊँची प्रेम सगाई  श्री प्रेमभूषण जी महराज   Lyrics  सबसे ऊँची प्रेम सगाई  सबसे ऊँची प्रेम सगाई  दुर्योधन की मेवा त्यागे  साग बिदुर घर खाई  सबसे ऊँची प्रेम सगाई  जूठे फल सबरी के खाये  बहुबिध स्वाद बताई  सबसे ऊँची प्रेम सगाई  प्रेम के वश नृप सेवा किन्ही  आप बने हरि नाइ  सबसे ऊँची प्रेम सगाई  राज सुयज्ञ युधिष्ठिर कीन्हो  काम जूठ उठाई  सबसे ऊँची प्रेम सगाई  प्रेम के वश पार्थ रथ हाक्यो  भूल गए ठकुराई  सबसे ऊँची प्रेम सगाई  ऐसी प्रीती बढ़ी वृन्दावन  गोपियन नाच नचाई  सबसे ऊँची प्रेम सगाई  सूर्य कोर तेहि ला अपनाही  कहा लगी कर्म बढ़ाई  सबसे ऊँची प्रेम सगाई 

lyrics maya ka marich chala mayapati ko bhatkane bhajan by rajan ji mahraj

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भजन : माया का मारीच  चला  राजन महराज  कंचन मृग बन कर आया  सिय का अपहरण कराने  माया का मारीच चला  माया पति को भटकाने  सीता बोली वो देखे  स्वामी जी मृग कंचन का , चरम मार कर लाये तो  होगा निशान इस वन का , सियमाया की माया का मृग  लगे राम मुस्काने  माया का मारीच चला  माया पति को भटकाने  माया सोना है आखिर उसके  आगे यह जगत खिलौना  कितने लोगो को जीवन भर  सोने दिया न सोना  राम चले सोने के पीछे  दर दर ठोकर खाने  माया का मारीच चला  माया पति को भटकाने  मायापति को जीवन में  दर दर भटकाई माया  इसलिए जीवन में पड़े न  माया की कही छाया  राही नचा रहा जो जग को  माया चली नचाने  माया का मारीच चला  माया पति को भटकाने  कंचन मृग बन कर आया  सिय का अपहरण कराने  माया का मारीच चला  माया पति को भटकाने 

Lyrics सोहर:- भितरी बजावल जाता थरिया।। PUJYA RAJAN JEE. बधाई गीत

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LYRICS  ❇️ भितरी बजावल जाता थरिया ।। ❇️ भीतरी बजावल जाता थरिया गवाता सोहरिया नू हो ऐ ललना बाजत आटे बाजा बाहरिआ तो मिलते खबरिआ नू हो बसहि  जुगाता  दुअरिया की लागे न नज़रिआ नू हो ऐ ललना गांव में के सगरी मेहरिआ जुटत आ दोपहरिया नू हो लडू से भरल दउरिआ बताता साया सड़िया नू हो ऐ ललना चउरा से भरल कोठरिया फुलत ओहि घरिआ नू हो ऐ ललना बाजत आटे बाजा बाहरिआ तो मिलते खबरिआ नू हो नन्दो पावेली फुलहि थरिया ता लिप के साउउरिआ नू हो ऐ ललना पावेला अनारी मोहरिया त सोने के सिकरिया नू  हो ऐ ललना बाजत आटे बाजा बाहरिआ तो मिलते खबरिआ नू हो

सखि हे दुलहा के भरि आँखी देख लेहु ना। पूज्य राजन जी। bhajan lyrics

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भजन लिरिक्स :  सखि हे दूल्हा के भरि आँखी  देख लेहु ना  राजन जी महराज  ✴️पूज्य राजन जी द्वारा श्री राम कथा में गाया हुआ श्री सीताराम विवाह के अवसर पर- सखि हे दुलहा के भरि आँखी देख लेहु ना, एक बहुत ही अद्भुत भजन है। यह भजन पूज्य श्री प्रताप चंद्र सिन्हा जी की रचना है । अक्टूबर 2018 में रायपुर की कथा में पूज्य राजन जी ने इसे गाया है।✴️ सखि हे दूल्हा के भरि आँखी  देख लेहु ना  जइसन पहुना हमार वइसन कतहु केहू ना  कच घुंगरारे ऊपर मौर्या सवारे  नयन कजरारे अधर अरुनारे  भाल तिलक विषाल सोहे अंग पहुना  जइसन पहुना हमार वइसन कतहु केहू ना  सखि हे दूल्हा के भरि आँखी  देख लेहु ना  आनन पे कोटि कोटि चन्द्रमा जडल बा  लागत बा मुर्तिया ई  अपने गढ़ल बा  अति सूंदर अनंग लेकिन अइसन सेहुना  जइसन पहुना हमार वइसन कतहु केहू ना  स्वर्ग से सौगुन नीक धरतिया  जहवा बिराजे अइसन मोहिनी मुर्तिया  इनका समता में आवे रवि शशि पहुना  जइसन पहुना हमार वइसन कतहु केहू ना  सखि हे दूल्हा के भरि...

Lyrics सिया सजना के गांठ में बँधाऊ हे सखी bhajan by rajan ji mahraj

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भजन लिरिक्स " सिया सजना के गांठ में बँधाऊ हे सखी " This Is A Very Beautiful Hindi VIVAH BHAJAN. This Bhajan Is Written By प्रातः स्मरणीय परम पूज्य साकेत वासी श्री नारायण दास जी भक्तमाली भजन लिरिक्स   चिर संचित मनोरथ , आज पुराउ हे सखी सिया सजना के गांठ में बँधाऊ हे सखी बँधाऊ हे सखी  ,  अब पुराउ हे सखी बँधाऊ हे सखी अब पुराउ हे सखी सिया सजना के गांठ में बँधाऊ हे सखी बर के बटुका के कोर , सिय के चुनरी के छोर आजु दुनो के बटोर के अटकाऊ हे सखी सिया सजना के गांठ में बँधाऊ हे सखी राम प्राण के समान , सिया उनहु के प्राण दुनो प्राणिन के प्राण में बसाऊ हे सखी सिया सजना के गांठ में बँधाऊ हे सखी मिथला के नर नारी पर , इ कइलन छापामारी गारी दे के बानू कसर चुकाऊ हे सखी सिया सजना के गांठ में बँधाऊ हे सखी