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Showing posts with the label राजन जी महाराज भजन लिरिक्स

पधारो शबरी के मेहमान bhajan lyrics by Rajan Ji mahraj

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पधारो शबरी के मेहमान                      राजन जी महारज का अति सुंदर भजन लिरिक्स  शबरी की मेहमान पधारो ||  शबरी की मेहमान पधारो || बिना प्रेम दुर्योधन की ग्रह | छोड़ चले पकवान || रूखे साग बिदुर घर खायो | प्रेम शहित सुख मान || पधारो  शबरी की मेहमान || पधारो  शबरी की मेहमान || द्रुपद सुता की लाज बचाई | मध्य सभा में आय || खीचत चीर दुशाष्ण हारा | चूर कियो अभिमान || पधारो  शबरी की मेहमान || जल डूबत गजराज उबारे | तात शब्द सुन कान || सारथि पद पारथ रथ हाक्यो | समर भूमि मैदान || पधारो  शबरी की मेहमान || गणिका गीध अजामिल पापी | तारे अधम महान || भिक्छु अति है शरण तुम्हारी | मीरा के भगवान || पधारो  शबरी की मेहमान || शबरी की मेहमान पधारो ||  शबरी की मेहमान || पधारो  शबरी की मेहमान ||

भजन लिरिक्स || हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा - PUJYA RAJAN JEE महाराज

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भजन || हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा - Bhajan - Ho Gaye Bhav Se Paar Lekar Naam Tera by Rajan ji mahraj    हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा  हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा  हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा  हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा बाल्मीक अति दीन हीन थे बुरे कर्म में सदा लीं थे करी रामायण तयार लेकर नाम तेरा  हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा  हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा थे नल नील जाति के वानर राम नाम लिख दिए शिला पर थे नल नील जाति के वानर राम नाम लिख दिए शिला पर हो गयी सेना पार लेकर नाम तेरा हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा भरी सभा में द्रुपद दुलारी  कृषण द्वारिका नाथ पुकारी बढ़ गया चीर अपार लेकर नाम तेरा हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा गज ने आधा नाम पुकारा गरुड़ छोड़ कर उसे उबारा किया ग्राह संहार  लेकर नाम तेरा हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा मीरा गिरधर नाम पुकारी  विष अमृत कर दिए मुरारी खुल गए चारो द्वार लेकर नाम तेरा हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा राम नाम को ज...

भजन लिरिक्स || मानव तू है मुसाफ़िर - PUJYA RAJAN JEE

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भजन लिरिक्स  || मानव तू है मुसाफ़िर  स्वर : पूज्य राजन जी महराज   मानव तू है मुसाफिर | दुनिया तो है धर्मशाला || संसार क्या है सपना | वो भी अजाब निराला || ये रेन है  बसेरा | है किराये का ये डेरा || उसमे फसा है ये फेरा | ये तेरा है ये मेरा || शीशे को मान बैठा | तू मोतियों की माला || संसार क्या है सपना | वो भी अजाब निराला || मानव तू है मुसाफिर | दुनिया तो है धर्मशाला || जन्मों का पुण्य संचित नर देह तूने पाया || कंचन और कामिनी ने | इसे व्यर्थ ही गवाया || कौड़ी के मोल तूने | हीरे को बेच डाला ||    संसार क्या है सपना | वो भी अजाब निराला || मानव तू है मुसाफिर | दुनिया तो है धर्मशाला || नश्वर है तन का ढांचा | बालू की भीत काचा || ऋषियों ने परखा जांचा बस राम नाम सांचा || झटके  तू पी शिकारी | सिया राम नाम प्याला || संसार क्या है सपना | वो भी अजाब निराला || मानव तू है मुसाफिर | दुनिया तो है धर्मशाला ||

पकड़ लो बाँह रघुराई , नहीं तो डूब जाएँगे भजन by राजन जी महराज

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राजन जी महराज भजन लिरिक्स  पकड़ लो बाँह रघुराई ,  नहीं तो डूब जाएँगे डगर ये अगम अनजानी ,  पथिक मै मूड अज्ञानी संभालोगे नही राघव ,  तो कांटे चुभ जाएँगे पकड़ लो बाँह रघुराई ,  नहीं तो डूब जाएँगे नहीं बोहित मेरा नौका ,  नहीं तैराक मै पक्का कृपा का सेतु बंधन हो  , प्रभु हम खूब आएँगे पकड़ लो बाँह रघुराई ,  नहीं तो डूब जाएँगे नहीं है बुधि विधा बल ,  माया में डूबी मती चंचल निहारेंगे मेरे अवगुण तो  प्रभु जी ऊब जाएँगे पकड़ लो बाँह रघुराई   नहीं तो डूब जाएँगे प्रतीक्षारत है ये आँगन  ,  शरण ले लो सिया साजन शिकारी चल जिधर प्रहलाद जी भूल जाएँगे पकड़ लो बाँह रघुराई    नहीं तो डूब जाएँगे नहीं तो डूब जाएँगे , नहीं तो डूब जाएँगे

तेरी मंद मंद मुसुकनिया पर बलिहार राघव जी || Bhajan Lyrics by - PUJYA RAJAN JEE

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  भजन राजन जी महाराज जी के भजन तेरी मंद मंद मुसुकनिया पर बलिहार राघव जी बलिहार राघव जी ,  बलिहार राघव जी तेरी मंद मंद मुसुकनिया पर बलिहार राघव जी बलिहार राघव जी ,  बलिहार राघव जी तेरे बाल बड़े घुंघराले , बादल हो कारे कारे, तेरे बाल बड़े घुंघराले , बादल हो कारे कारे, तेरे पावों की पैजनिया पे ,  बलिहार राघव जी बलिहार राघव जी ,  बलिहार राघव जी ,  तेरी मंद मंद मुसुकनिया पर बलिहार राघव जी बलिहार राघव जी ,  बलिहार राघव जी तेरे नैन बडे कजरारे , लगते है प्यारे प्यारे तेरी मधुर मधुर पे बलिहार राघव जी तेरी मंद मंद मुसुकनिया पर बलिहार राघव जी बलिहार राघव जी ,  बलिहार राघव जी. तेरे संग में सिया सुकुमारी , लगती है प्यारी प्यारी , तेरे संग में सिया सुकुमारी , लगती है प्यारी प्यारी ,  इस जुगल जोड़ी पर जाऊ मै  बलिहार राघव जी , तेरी मंद मंद मुसुकनिया पर बलिहार राघव जी Devi Chitrlekha Ji Bhajans Lyrics Krishna Bhajans

Bhajan Lyrics कहियो दर्शन दीहें हो, भीलनियो के राम by राजन जी महराज

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  भजन लिरिक्स  कहियो दर्शन दीहें हो, भीलनियो के राम   भजन पंथ निहारत डगर बहारत होता सुबह शाम कहियो दर्शन दीहें हो, भीलनियो के राम गुरुवर पतंग जी रंगले राम रंग में बालिका से प्रेत भएनी ओही रे तरंग में नाम रूप और लीला धाम के सुमिरन आठो याम  कहियो दर्शन दीहें हो, भीलनियो के राम   **** अधम ते अधम अधम अति नारी उत चर्कवर्ती के उमा धनुहा धारी चिख चिख बेर साज़ के राखब आई भोग के काम कहियो दर्शन दीहें हो, भीलनियो के राम **** माडो से भागल , अनुराग अइसन जागल शबरी शिकारी भएनी भगति में पागल उहे डगर तुहू धरा हो राजन उहे डगर तुहू धरा हो राजन पईबा परम विश्राम कहियो दर्शन दीहें हो, भीलनियो के राम पंथ निहारत डगर बहारत होता सुबह शाम कहियो दर्शन दीहें हो, भीलनियो के राम

लिरिक्स - रामकथा सुनकर जाना , बहुत ही मनमोहक भजन । PUJYA RAJAN JEE

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भजन - राम कथा सुन कर जाना राजन जी महराज भजन लिरिक्स जीवन का निष्कर्ष यही है प्रभु प्रेम में लग जाना आओ सब मिल बैठो प्यारे राम कथा सुन कर जाना जीवन का निष्कर्ष यही है प्रभु प्रेम में लग जाना आओ सब मिल बैठो प्यारे राम कथा सुन कर जाना राम कथा की पावन गंगा अबिरल बहती जाए प्रेम भाव की शीतल लहरें भीतर तक नेहलाये कुछ बाते है सुनने लायक कुछ बाते बुन कर जाना आओ सब मिल बैठो प्यारे राम कथा सुन कर जाना उत्तम बने विचार यही मतलब है राम कथा का' औरो की पीड़ा का हो मन में आभास व्यथा का कुल परिवार ओढ़ ले प्यारे वो चादर बुनकर जाना आओ सब मिल बैठो प्यारे राम कथा सुन कर जाना तुलसीदास भागीरथ बन कर तपजप किये अभंगा तब जाकर मानस से निकली पाप नाशिनी गंगा राम कथा गंगा में राजन तरते तरते तर जाना जीवन का निष्कर्ष यही है प्रभु प्रेम में लग जाना आओ सब मिल बैठो प्यारे राम कथा सुन कर जाना आओ सब मिल बैठो प्यारे राम कथा सुन कर जाना