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Showing posts from January, 2018

Lyrics नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का भजन | राजन जी महराज

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भजन : नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का  नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का  सदा न रहा है सदा न रहेगा  जमाना किसी का  नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का  आएगा बुलावा तो जाना पड़ेगा  सर तुझको आखिर झुकाना पड़ेगा  वहां  न चलेगा बहाना किसी का  नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का  सोहरत तुम्हारी बह जाएगी ये  दौलत यही पर रह जाएगी ये  नहीं  साथ जाता खज़ाना किसी का  नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का  पहले तो हम अपने आप को संभाले  हक़ नहीं हमको बुराई औरो में निकाले  बुरा है बुरा जग में पता न किसी का  नहीं चाहिए  दिल दुखाना किसी का  दुनिया का गुलशन सदा ही रहेगा  ये तो जहाँ है लगा ही रहेगा  आना किसी का जग में और जाना किसी का  नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का 

Lyrics मिल जाएगी हर ख़ुशी तुझे बहुत ही सुंदर भजन . Rajan Ji Maharaj

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Lyrics : हर ख़ुशी मिल जाएगी तुझे ,  चरणों में झुक जाने के बाद   भजन : राजन जी महराज  हर ख़ुशी मिल जाएगी तुझे  ,  चरणों में झुक जाने के बाद | कुछ नहीं बिगड़े गए तेरा   ,   हरि शरण आने के बाद || प्रेम की मंज़िल के राही  ,  कष्ट पाते है मगर  | प्रेम की मंज़िल के राही , कष्ट पाते है मगर || बीज फलता है सदा ,  मिट्टी में मिल जाने के बाद कुछ नहीं बिगड़े गए तेरा ,  हरि शरण आने के बाद || देख कर  काली घटा को , ऐ भवर मत हो निराश  | बंद कलिया भी खिलेगी , रात ढल जाने के बाद || कुछ नहीं बिगड़े गए तेरा ,  हरि शरण आने के बाद  .....

Lyrics है याद दिल में बराबर तुम्हारी - राजन जी महाराज

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राम कथा के तेइ अधिकारी  जिनके सतसंगति अति प्यारी  संभु चरित सुनि सरस्  सुहावा  भरद्वाज मुनि अति सुख पावा  लिरिक्स :- है याद दिल में बराबर तुम्हारी -- राजन जी महराज  राजन जी महराज  ये दृग बिंदु तुमको खबर दे रहे है |  ये दृग बिंदु तुमको खबर दे रहे है ||  है याद दिल में बराबर तुम्हारी। ......||  नैनन नीर रोमावलि ठाड़ी |  सुनमुनि आज समागम तोरे ||   कहि न जाई जस सुख मानब मोरे|| 

Lyrics चली जा रही है उमर धीरे धीरे भजन | प्रेम्भुषण जी महाराज

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लिरिक्स : चली जा रही है उम्र है धीरे धीरे चली जा रही है उम्र है धीरे धीरे पल पल और आठो पहर धीरे धीरे चली जा रही है उम्र है धीरे धीरे बचपन भी बीता जवानी भी जाये ||  बुढ़ापे का होगा असर धीरे धीरे   ||  चली जा रही है उम्र है धीरे धीरे तेरे हाथ पावो में बल न रहेगा झुकेगी तुम्हारी कमर धीरे धीरे चली जा रही है उम्र है धीरे धीरे सिथिल अंग होंगे सब एक दिन तुम्हारे ||  फिर मंद होगी नज़र धीरे धीरे  ||  चली जा रही है उम्र है धीरे धीरे बुराई से मन को तू अपने हटा ले  || तो बन जाये तेरा जीवन धीरे धीरे ||  भजन कर हरी का तू पल पल प्यारे ||  तो मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ||  पल पल और आठो पहर धीरे धीरे चली जा रही है उम्र है धीरे धीरे

Lyrics बधईया बाजे आंगने में सोहर by rajan ji maharaj

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Lyrics : बधाईया बाजे  आंगने में  राजन जी महाराज  बधईया बाजे  आंगने में  बधईया बाजे  आंगने में     बधईया बाजे , बधईया बाजे  आंगने में बधैया बाजे चंद्रमुखी मृगनयनी अवध के  चंद्रमुखी मृगनयनी अवध के  तोरत तान तब रागने में बधईया बाजे , बधईया बाजे  आंगने में बधैया बाजे प्रेमभरी प्रमदागन  नाचे प्रमदागन  नाचे ,  प्रमदागन  नाचे नुपुर बांधे पायने में  बधईया बाजे  आंगने में बधैया बाजे नयोछाबर श्री  राम लला जु की  राम लला जु  की , राम लला जु  की  नहीं सकुचावत मांगने में  बधईया बाजे  आंगने में .......  बधैया बाजे सिया अली यह कौतुक देखत  कौतुक देखत  कौतुक देखत  सिया अली यह कौतुक देखत  अब बीती रजनी जागने  में  बधाईया बाजे आंगने में. 

Lyrics भजन करा होई तवन होई हो | प्रेम्भुशन जी महराज भजन

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भजन लिरिक्स  भजन करा होइ तवन होइ हो श्री प्रेम्भुषण जी महाराज भजन भजन करा होइ तवन होइ हो जगतिया में कोई नहीं अपना उमा कहउ मै अनुभव अपना भोले बाबा मैया जी से अनुभव कहे अपना सत हरि भजन जगत सब सपना राम भज करि के रसोई हो जगतिया में कोई महि अपना कोई नहीं अपना , कोई नहीं अपना भजन करा होइ तवन होइ हो जगतिया में कोई नहीं अपना निज अनुभव मै कहउ खगेसा बिन हरि भजन न जाई क्लेशा जिन से स्वरुप बुद्ध होइ हो जगतिया में कोई नहीं अपना कहि के गोसाई बाबा राम कथा गाई के हरि के भजन करा मनवा लगाई के कलजुग से निस्तार तब होइ हो जगतिया में कोई नहीं अपना

Lyrics Sitaram ji ki pyari rajdhani lage ram bhajan by prembhushan ji maharaj

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सीता राम जी प्यारी  राजधानी लागे सीता राम जी प्यारी  राजधानी लागे मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे धन्य कौशल्या धन्य कैकयी धन्य सुमित्रा मइया   .... धन्य सुमित्रा मइया धन्य भूप दसरथ जी के आँगन खेले चारयो भइया मीठी तोतली रसीली प्रभु की बानी लागे , प्रभु की बानी लागे मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे || जन्म भूमि हनुमान गढ़ी की,  सोभा है अति सूंदर ,    स्वम जगत के मालिक बैठे कनक भवन के अंदर सीता राम जी की सोभा सुदगानी लागे प्रभु की कहानी लागे मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे || सहज सुहावन जन्म भूमि श्री  रघुवर रामलला की श्री  रघुवर रामलला की , जानकी महल सुच सूंदर सोभा लक्ष्मण जयुत किला की , रानी कैकई से प्रीत पुरानी लागे सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे || जय सियाराम दंडवत भैया मधुरी बानी बोले मधुरी बानी बोले , करे संत कीर्तन मगन मन गली गली में डोले , सीता राम नाम धुन मस्तानी लागे ... मस्तानी लागे मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे || रघुपति प्रेम प...

Lyrics श्री रामचन्द्र जी महाराज की बारात (भजन)। Prembhushan Ji Maharaj | अवध नगरिया से चलली |

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Lyrics : अवध नगरिया से चलली बरतिया हे सुहावन लागे अवध  नगरिया से चलली बरतिया  हे सुहावन लागे   जनक नगरीया भइले शोर  हे सुहावन लागे  सब देवतन मिलि चलले  बर अतिया       हे सुहावन लागे  बजवा बजेला घनघोर  हे सुहावन लागे  बजवा के शब्द हुलसे मोरी छतिया     हे सुहावन लागे  चहु दिस भइल बा अजोर    हे सुहावन लागे    कहत र रसिक जन , दूल्हा के सुरतिया      हे सुहावन लागे  सुफल मनोरथ भइले मोर     हे सुहावन लागे अवध  नगरिया से चलली बरतिया  हे सुहावन लागे   जनक नगरीया भइले शोर   हे सुहावन लागे 

Lyrics अनमोल तेरा जीवन यु ही गवा रहा है भजन Rajan Ji Maharaj - Ram Katha Part-1

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Lyrics : अनमोल तेरा जीवन यु ही गवा रहा है  तर्ज:  आये हो मेरी जिंदगी में  अनमोल तेरा जीवन , यु ही गवा रहा है किस और तेरी मंजिल , किस और जा रहा है अनमोल है ये जीवन , यु ही गवा रहा है सपनो की नींद में ही ,  ये रात ढल न जाये  पल भर का भरोसा ये , जान  निकल न जाये गिनती की है ये सांसे , यूँ ही लुटा रहा है  किस और तेरी मंज़िल , किस और जा रहा  अनमोल तेरा जीवन , यु ही गवां रहा है  जाएगा तब यह से , कोई न साथ देगा  इस हाथ जो दिया है , उस हाथ जा के लेगा  कर्मो की है ये खेती फल आज पा रहा है  किस और तेरी मंज़िल , किस और जा रहा है  अनमोल तेरा जीवन , यु  ही गवाँ रहा है  ममता के बंधनो ने ,  क्यों आज तुझको घेरा  सुख में सभी है साथी , कोई नहीं है तेरा  तेरा ही मोह तुझको कबसे रुला रहा है  किस और तेरी मंज़िल , किस और जा रहा है  अनमोल तेरा जीवन , यु  ही गवाँ रहा है  जब तक है भेद मन में ,  भगवान से जुदा  है  खोलो जो दिल का दर्पण , इस घर में ही खुदा है...

Lyrics सबरी सवारे रास्ता आएंगे राम जी bhajan by prembhushan ji maharaj

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Lyrics  : शबरी सवारे रास्ता आएंगे राम जी  प्रेमभुषण जी महराज  भजन : शबरी सवारे रास्ता  शबरी सवारे रास्ता  आएंगे राम जी ''  ||  शबरी सवारे रास्ता  आएंगे राम जी ''  ||  मेरा भी धन्य जीवन  बनाएंगे राम जी  आँखों से रोज़ अपने  राहें बुहारती ||  कांटे लगे न कोई '' कोमल है राम जी ||  शबरी सवारे रास्ता  आएंगे राम जी ''  ||  डलिया के बेर बागो से  चुन चुन के ला रही ||  खट्टे हो या चाहे मीठे  खाएंगे राम जी ||  शबरी सवारे रास्ता  आएंगे राम जी ''  ||  आये जब श्री राम तो  दीवानी हो गयी ||  बैठायन श्री राम को  भूली है काम जी ||  शबरी सवारे रास्ता  आएंगे राम जी ''  || आये जब श्री राम जी  चरणों में गिर पड़ी ||  अश्को से धो रही को  उठाये है राम जी ||  शबरी सवारे रास्ता  आएंगे राम जी ''  || सूंदर बिछा के आसन  बैठाया राम को ||  दिया कंद मूल लाकर  खाये है र...

Pujya Shri Prembhushan Ji Maharaj - Bhajan - Hum Ram Ji Ke lyrics - हम राम जी के राम जी हमारे है

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लिरिक्स : हम राम जी के  राम जी हमारे है गायक :   श्री प्रेमभूषण जी महराज  हम राम जी के राम जी हमारे है हम राम जी के राम जी हमारे है मेरे तो प्राण आधारे है  मेरे तो प्राण आधारे है  सब भक्तन के रखवारे है  हम राम जी के राम जी हमारे है जो लाखो पापी तारे है  जो अधमन को उधारे है  हम इनके सदा सहारे है  हम राम जी के राम जी हमारे है सरनागत आती निवारे है  हम इनकी शरण पधारे है  हम राम जी के राम जी हमारे है  मेरे नैनों के  तारे है  ,  मेरे नैनों के  तारे है  , सारे जग के रखवारे है  हम राम जी के राम जी हमारे है 

Lyrics सब कहेंगे कहानी तेरी bhajan by prembhushan ji maharaj

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Lyrics  : सब कहेंगे कहानी तेरी  Singer  : श्री प्रेमभूषण जी महराज  भजन : सब कहेंगे कहानी तेरी  सब कहेंगे कहानी तेरी ||  काम ऐसा तू कर जाएगा ||  राम कहने से तर जाएगा ||  पार भव से उतर जाएगा ||  उसके आगे ही झोली फैला ||  यहां झोली तू भर जाएगा  राम कहने से तर जाएगा ||  बड़ी मुश्किल से नर तन मिला ||  क्या पता फिर किधर जाएगा ||  राम कहने से तर जाएगा ||  होगी घर घर में चर्चा तेरी ||  जिस गली से गुज़र जाएगा ||  राम कहने से तर जाएगा ||  पार भव से उतर जाएगा 

Lyrics Shankar teri jata main bhajan by shri prembhushan ji maharaj

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Bhajan : Shanker Teri Jata  Mein Singer : Shir Prembhushan Ji Mahraj Lyrics: शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा  || शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा  || काली घटा के अंदर , जिम्दामिनी उज़ाला शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा  || गले मुंड मॉल राजे , शशी भाल पे विराजे || डमरू निनाद बाजे, कर में त्रिशूल धारा || शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा  || काली घटा के अंदर , जिम्दामिनी उज़ाला मृग चरम वसन धारी , ब्रिस्राज पे सवारी निज भक्त दुःख हारी , कैलाश में विहारा शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा  || त्रिग तीन तेज राशि , कटी बांध नाग फ़ासी गिरजा है संग दासी , सब विश्व के अधारा || शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा  || काली घटा के अंदर , जिम्दामिनी उज़ाला Shankar Teri Jata me Behti Hai Gang Dhara bahut hi sunder bhajan prembhushan ji

Lyrics Jai Jai Ram Katha By Shri prembhushan ji maharaj

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Lyrics :  जय जय राम कथा   जय श्री राम कथा इसे श्रवन कर मिट जाती है | सौ जन्म जन्म के व्यथा || जय जय राम कथा |   जय श्री राम कथा || राम कथा कलिकामद गाई | सुजन संजीवन मूर सुहाई || बुधि विश्राम सकल जन रंजन | राम कथा कली क्लूस विभंजन || तेरा परमारथ बन जाये | श्री नारद कर व्यथा || जय जय राम कथा | जय श्री राम कथा || महा मोह महिसेष विशाला |  राम कथा कालिका कराला || राम कथा शशि  किरण  समाना |  संत चकोर  करहि जेहि  साना  ||  पीकर तभी अमर हो जाये  |  गाकर तू भी अमर हो जाये ||  श्री हुनमंत यथा  जय जय राम कथा  |  जय श्री राम कथा  ||  राम कथा कलि  बिटप कुठारी  |  सादर सुन गिरिराज  कुमारी  ||     राम कथा सूंदर कर तारी  |  संसय बिहग उड़ाव निहारी || तेरा सब संसय भागेगा  मेरा सब संसय भागेगा  पार्वती  कर  जथा   जय जय राम कथा  जय श्री राम कथा  इसे श्रवन कर मिट जाती ह...

Lyrics rama rama ratte ratte | Sabari Prem By Rajan Ji Maharaj

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भजन Lyrics  : रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया गायक  : राजन जी महराज  रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया रधुकुल नंदन कब आओगे भीलनी की डगरिआ रामा रामा रटते रटते ,  बीती रे उमरिया मैं  सबरी भीलनी की जाई , भजन भाव नहीं जानू  रे राम तुम्हारे दर्शन के हित    , वन में जीवन पालु रे चरण कमल से निर्मल कर  दो , दासी की झोपडिया रामा रामा रटते रटते  , बीती रे उमरिया रोज सवेरे बन में जाकर , रस्ता साफ कर आती हु अपने प्रभु के खातिर बन से , चुन चुन के फल लाती हु मीठे मीठे बेरन से भर , ले आई  मै झबरीआ रामा रामा रटते रटते ,  बीती रे उमरिया सूंदर श्याम सलोनी सूरत , नैनन बीच बसाउंगी पद पंकज  के रज धर मस्तक ,  चरणों में शीश झुकाऊँगी प्रभु जी मुझको भूल गए क्या , लो दास की खबरिआ रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया