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पूज्य राजन जी- अवध से आज मिथिला में लूटाने प्यार आये हैं Lyrics by rajan ji mahraj

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भजन लिरिक्स : विवाह गीत (अवध से आज मिथला में ) राजन जी महराज  अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है | अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है || सजे सेहरे में देखो सांवले सरकार आये है | अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है || भर्मर से काली काली तिखरी घूंघर वाली अलको पर | छटा छहराते मौर के छयल दिलदार आये है | अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है || जमीन का ज़र्रा ज़र्रा है नहाया चाँदनी में आज | कि मिथला काश  पूनम चंदा चार आये है | अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है || भले दाता जगत के है शिरोमणि दानियो में है | ग्रहीता आज बन के ये जनक दरबार आये है ||  अवध से आज मिथला में लुटाने प्यार आये है || ऋचाये वेद की प्रताप जो सुन कर के अघाते है वे सुनने रस भरी गारी  यहां ससुरार आये है  सजे सेहरे में देखो सांवले सरकार आये है ||

lyrics प्याला नाम के पिये वाला श्री राम कथा भजन - राजन जी महाराज

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भजन लिरिक्स   राजन जी महराज   A Very Beautiful Bhajan " PYAALA NAAM KE PIYE WAALA" Written By Sri Shivanand Mishra . This Bhajan Is In Bhojpuri Language And Sung By Pujya Rajan Jee In Sri Ramkatha Held In Ballia. प्याला नाम के पिए वाला रे प्याला नाम के पिए वाला ज्वाला गर्ल के  गाला में धइले जिनकर साप के माला हाला हल अमृत कई दिहले आजुए ले कंठ बा काला रे प्याला नाम के पिए वाला प्याला नाम के पिए वाला रे प्याला नाम के पिए वाला नाम के हुंडी भुसुंडि भजवले खुलल कुण्डी के ताला अधम अभागा कागा बनल इ राम कथा कहे वाला प्याला नाम के पिए वाला नाम के सतुआ तू साना शिकारी छोड़ द तेल मसाला शरणागति वत्तस्ल हई हरि जी तू भज ला  दीनदयाला प्याला नाम के पिए वाला अधम अभागा कागा बनल इ राम कथा कहे वाला प्याला नाम के पिए वाला

श्री राम जन्म का सबसे अद्भुत सोहर - पूज्य राजन जी। Lyrics अइसन मनोहर मंगल मूरत

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सोहर  राजन जी महराज  ✴️पूज्य राजन जी द्वारा श्री राम जन्म के पावन अवसर पर गाया हुआ यह बहुत ही अद्भुत सोहर है। इस सोहर को स्वर्गीय श्री गायत्री कुमार ठाकुर जी ने लिखा है ✴️ अइसन मनोहर मंगल मूरत  सुहावन सुंदर सूरत नू हो  ए  राजा जी एकरे तो रहल जरूरत  मुहूर्त खूबसूरत हो  हमरा जनाता बबुआ GM होइह  न न इ तो डीएम होइह हो  ए ललना हिन्द के सितारा इ तो CM होइह  उसे ऊपर PM होइह हो  होइह वाईस चांसेरल यूनिवर्सिटी के  मेयर लंदन सिटी के नू हो  ए ललना होम सेक्ट्री गोरमिंटी के  तो हीरो अपना मिटटी के नू हो  बबुआ हमार महराज होइह  राजा और धीराज होइह हो  ए ललना धातु में हीरा पुखराज होइह  सिरवा के ताज होइह हो  मुनि बाबा अइसन बबुआ ज्ञानी होइह  राजा जी अइसन दानी होइह हो  ए ललना अखिल भूमंडल राजधानी होइह  बापे अस खानदानी होइह हो    

Lyrics हे लाल काहें छूटल लिलार पर पसीना !! PUJYA RAJAN JEE

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भजन लिरिक्स : हे लाल काहे  भजन गायक  : राजन जी महराज  छूटल लिलार पर पसीना हे लाल काहे छूटल लिलार पर पसीना शरद के परभात रहे नहीं दुपहरिया न ही रहे जेठ के महीना हे लाल काहे छूटल लिलार पर पसीना सिया जी के भूषण के रुन झुन के धुन सुनि हिय के झनकार उठल वीणा हे लाल काहे छूटल लिलार पर पसीना देखते बैदेही के विदेह होइ गइला सिया जी के प्रेम के अधीना हे लाल काहे छूटल लिलार पर पसीना नेह निधि नारायण सिया जी अँगूठी तू अंगूठी के भइला नगीना हे नाथ काहे छूटल लिलार पर पसीना छूटल लिलार पर पसीना हे लाल काहे छूटल लिलार पर पसीना

Lyrics dar par tumhare aya ram katha bhajan by rajan ji mahraj

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भजन लिरिक्स  राजन जी महराज   ✴️पूज्य राजन जी द्वारा श्री राम कथा में गाया हुआ भजन- दर पर तुम्हारे आया ठुकराओ या उठा लो, शरणागत भाव का एक बहुत ही अद्भुत भजन है। मिथिला में एक बहुत ही अद्भुत संत हुवे प्रातः स्मरणीय पूज्य श्री बांके बिहारी जी झां (करील) । यह भजन उन्हीं की रचना है । ✴️ दर पर तुम्हारे आया  ठुकराओ या उठा लो  दर पर तुम्हारे आया , ठुकराओ या उठा लो  करुणा की सिंधु मालिक , अपनी बिरद बचा लो मीरा या सबरी जैसा , पाया हृदय न मैंने  जो है दिया तुम्हारा , लो अब इसे संभालो  दर पर तुम्हारे आया , ठुकराओ या उठा लो  दिन रात अपना अपना ,  करके बहुत ठगाया  कोई हुआ न अपना ,  अपना मुझे बना लो   दर पर तुम्हारे आया , ठुकराओ या उठा लो  दोषी हु मै या सारा , ये खेल है तुम्हारा  जो हो समर्थ हो तुम , चाहे  जो  गज़ब ढालो  दर पर तुम्हारे आया , ठुकराओ या उठा लो  बस याद अपनी दे दो , सब कुछ भले ही ले लो  विषमय  करील पर अब , करुणा की दृस्टि डालो...

प्रभु हम भी शरणागत है bhajan by rajan ji mahraj lyrics

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भजन लिरिक्स : राजन जी महराज  प्रभु हम भी शरणागत है  स्वीकार करो तो जाने  अब हमे पतित से पावन  सरकार करो तो जाने  प्रेमी जन तुमको पाते  तुम  भक्ति भाव बस आते  हम कुटिल हृदय के क्लूचित  निस्तार करो तो जाने  प्रभु हम भी शरणागत है  स्वीकार करो तो जाने  ज्ञानी तुममे तन्मय है  ध्यानी भी तुम में लय है  हम अज्ञानी चंचल चित  उपकार करो तो जाने  प्रभु हम भी शरणागत है  स्वीकार करो तो जाने  क्या मुख ले विनय सुनाये  हम कैसे तुमको भाए   अगणित अपराध किये है  उद्धार  करो तो जाने  प्रभु हम भी शरणागत है  स्वीकार करो तो जाने  जीवन  नईया जर्जर है  हर छन विनाश का है  ऐसे भी एक पथिक  को   भवपार करो तो  जाने  प्रभु हम भी शरणागत है  स्वीकार करो तो जाने 

Lyrics Gira ja raha hu utha lo utha lo by rajan ji mahraj , bhagti bhajan lyrics

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भजन लिरिक्स  राजन जी महराज     " गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो "बहुत ही सूंदर भजन पूज्य राजन जी महराज द्वारा हुआ अद्भुत भजन है।   तर्ज : अँखियो को रहने दे अँखियो के आस पास  भजन  प्रभु  अपने दर से अब तो न टालो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो खाली न जाता कोई दर से तुम्हारे द्वारे खड़ा हु नन्ही बाहे पसारे चरणों की सेवा में लगा लो लगा लो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो प्रभु  अपने दर से अब तो न टालो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो नहीं टूट पायेगा दुनिया का बंधन जब तक कृपा न होगी तेरी रघुनंदन कदम लड़खड़ाए है संभालो संभालो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो अगर था हटाना तो फिर क्यों बुलाया सोते ही रहने देते काहे जगाया अब जब जगाया तो अपना बना लो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो प्रभु  अपने दर से अब तो न टालो गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो बंधन प्रताप सारे टूट चुके है जितने सहारे थे छूट चुके है अवसर मिला है अपना वादा निभा लो गिरा गिरा जा रहा हु उठा लो उठा लो प्रभु  अपने दर से अब तो न टा...