पधारो शबरी के मेहमान bhajan lyrics by Rajan Ji mahraj

पधारो शबरी के मेहमान

                     राजन जी महारज का अति सुंदर भजन लिरिक्स


 शबरी की मेहमान पधारो ||
 शबरी की मेहमान पधारो ||

बिना प्रेम दुर्योधन की ग्रह |
छोड़ चले पकवान ||

रूखे साग बिदुर घर खायो |
प्रेम शहित सुख मान ||
पधारो  शबरी की मेहमान ||

पधारो  शबरी की मेहमान ||

द्रुपद सुता की लाज बचाई |
मध्य सभा में आय ||

खीचत चीर दुशाष्ण हारा |
चूर कियो अभिमान ||

पधारो  शबरी की मेहमान ||

जल डूबत गजराज उबारे |
तात शब्द सुन कान ||
सारथि पद पारथ रथ हाक्यो |
समर भूमि मैदान ||

पधारो  शबरी की मेहमान ||

गणिका गीध अजामिल पापी |
तारे अधम महान ||
भिक्छु अति है शरण तुम्हारी |
मीरा के भगवान ||

पधारो  शबरी की मेहमान ||

शबरी की मेहमान पधारो ||
 शबरी की मेहमान ||

पधारो  शबरी की मेहमान ||





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