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दर्द भरा राम भजन/गोलू ओझा/मुझे किस पर लखन भैया/अकेला छोड़ जाते हो/dard bhara ram bhajan/golu ojha भजन लिरिक्स

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मुझे किस पर लखन भैया/अकेला छोड़ जाते हो   मुझे किस पर लखन भैया अकेला छोड़ जाते हो , पिता ने वन पठाए अवध से तीन आये थे , पिता मरना सिया हरना हजारो दुःख सहे मैंने , मुझे किस पर लखन भैया अकेला छोड़ जाते हो , अवध को कैसे जाऊंगा मैया को क्या बतलाऊंगा , मैया मुझसे पूछेगी लखन कहा छोड़ आये हो, मुझे किस पर लखन भैया अकेला छोड़ जाते हो , न मुख से बोलते भैया  हमे बिरथा सताते हो,, मुझे किस पर लखन भैया अकेला छोड़ जाते हो ,

बन को चले श्री राम रघुरैया/गोलू ओझा/Ban Ko Chale Shri Ram Raghuraiya/Hindi Bhajan lyrics

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बन को चले श्री राम रघुरैया                              तर्ज : झिलमिल सितारों का आँगन होगा भजन बन को चले श्री राम रघुरैया संग में है लछमन संग सीता मैया ,, बन को चले श्री राम रघुरैया संग में है लछमन संग सीता मैया ,, वन को चले प्राणों से प्यारे भैया रोवे अवध के सब रहवैया  ,, रोवे सुमित्रा कौशल्या सी मैया संग में है लछमन संग सीता मैया ,, रुको जरा रुको भैया साथ नहीं छोडूंगा जन्म जन्म का रिश्ता नाता नही तोडूंगा ,, रोवे अवध के सब रहवैया  ,, संग में है लछमन संग सीता मैया ,, बन को चले श्री राम रघुरैया संग में है लछमन संग सीता मैया ,,

स्वर्ग का देवता सामने आ गया - PUJYA RAJAN JEE Bhajan Lyrics

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      || बधाई पद || स्वर्ग का देवता सामने आ गया   स्वर्ग कहते किसे जानते हम नहीं स्वर्ग का देवता सामने आ गया बन के बालक सलोना अवध भूप का मेरे नयनो में अपबर्ग सुख छा गया स्वर्ग कहते किसे जानते हम नहीं स्वर्ग का देवता सामने आ गया आज बिहसी दिशाए कमल खिल गए टीम टिम्मा ते दिए ये अभी जल गए' आज परियो ने मंगल सजाये मुदित मन अनोखा नया चन्द्रमा आ गया स्वर्ग कहते किसे जानते हम नहीं स्वर्ग का देवता सामने आ गया

पधारो शबरी के मेहमान bhajan lyrics by Rajan Ji mahraj

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पधारो शबरी के मेहमान                      राजन जी महारज का अति सुंदर भजन लिरिक्स  शबरी की मेहमान पधारो ||  शबरी की मेहमान पधारो || बिना प्रेम दुर्योधन की ग्रह | छोड़ चले पकवान || रूखे साग बिदुर घर खायो | प्रेम शहित सुख मान || पधारो  शबरी की मेहमान || पधारो  शबरी की मेहमान || द्रुपद सुता की लाज बचाई | मध्य सभा में आय || खीचत चीर दुशाष्ण हारा | चूर कियो अभिमान || पधारो  शबरी की मेहमान || जल डूबत गजराज उबारे | तात शब्द सुन कान || सारथि पद पारथ रथ हाक्यो | समर भूमि मैदान || पधारो  शबरी की मेहमान || गणिका गीध अजामिल पापी | तारे अधम महान || भिक्छु अति है शरण तुम्हारी | मीरा के भगवान || पधारो  शबरी की मेहमान || शबरी की मेहमान पधारो ||  शबरी की मेहमान || पधारो  शबरी की मेहमान ||

Maa Durga Aarti - Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Jai Durge Khapr Wali - Lyrics

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Shri Durga Aarti  Ambe Tu Hai Jagdambe Kali   अम्बे तू है जगदम्बे काली   ,  जय दुर्गे खप्पर वाली तेरे ही गुण गावें भारती , ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती। तेरे भक्त जनो पर माता भीर पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पडो माँ करके सिंह सवारी॥ सौ-सौ सिहों से बलशाली , है अष्ट भुजाओं वाली , दुष्टों को तू ही ललकारती । ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥ माँ-बेटे का है इस जग मे बडा ही निर्मल नाता। पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥ सब पे करूणा दर्शाने वाली , अमृत बरसाने वाली , दुखियों के दुखडे निवारती। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥ नहीं मांगते धन और दौलत , न चांदी न सोना। हम तो मांगें तेरे चरणों में छोटा सा कोना॥ सबकी बिगड़ी बनाने वाली , लाज बचाने वाली , सतियों के सत को सवांरती। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥ चरण शरण में खड़े तुम्हारी , ले पूजा की थाली। वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥ माँ भर दो भक्ति रस प्याली , अष्ट भुजाओं वाली , भक्तों के कारज तू ही सारती।। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥                     ...

|| भजन लिरिक्स || करुणानिधान रउवाँ जगत के दाता हईं- PUJYA RAJAN JEE

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राजन जी महराज जी के भजनों का आनंद लेने के लिए हमारे साथ बने रहे , और हर तरह के भजन लिरिक्स पाए | राजन जी महराज भजन करुणा निधान रउवा जगत के दाता हईं   भजन करुणा निधान रउवा जगत के दाता हईं करुणा निधान रउवा जगत के दाता हईं श्री भगवान रउवा जगत के दाता हईं मती के फेर देनी , विपत के टेर देनी के बा समान रउवा जगत के दाता हईं करुणा निधान रउवा जगत के दाता हईं ग्राह के मार देहनी , गज के उबार लेहनी ग्राह के मार देहनी , गज के उबार लेहनी जाने जहान जगत के दाता हईं करुणा निधान रउवा जगत के दाता हईं भक्त विदुर घर गईनी , प्रेम से सग्वे खईनी छोड़ के पकवान रउवा जगत के दाता हईं करुणा निधान रउवा जगत के दाता हईं केवट से चरण धोवावनी , गीधपति हिये लगवनी जाने जहान रउवा जगत के दाता हईं करुणा निधान रउवा जगत के दाता हईं मैया शबरी घर गईनी , झूठे बेरन के खईनी करके बखान रउवा जगत के दाता हईं करुणा निधान रउवा जगत के दाता हईं गावेले ले दास गायत्री , खीच के तीन गो चिक्री कईनी बुद्धिमान रउवा जगत के दाता हईं करुणा निधान रउवा जगत के दाता हईं श्री भगवान रउवा जगत के दाता हईं करुणा निधान रउवा जगत के दाता हईं

Durga Aarti | Maa Durga Aarti | Jai Ambe gauri | जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी -- आरती लिरिक्स

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  माँ दुर्गा जी की आरती जय अम्बे गौरी मैया  , जय श्यामा गौरी तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी॥ जय अम्बे गौरी॥ ************************ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को | उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्रवदन निको॥ जय अम्बे गौरी॥ ************************* कनक सामान कलेवर, रक्ताम्बर राजै | रक्त-पुष्प गलमाला, माला, कण्ठन पर साजै॥  जय अम्बे गौरी॥ ************************* केहरि वाहन राजत खड्ग खप्पर धारी | सुर-नर-मुनि-जन सेवत तिनके दुखहारी॥  जय अम्बे गौरी॥ ************************* कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती | कोटिक चन्द्र दिवाकर सम राजत ज्योति॥  जय अम्बे गौरी॥ ************************** शुम्भ निशुम्भ विदारे महिषासुर-घाती | धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मतमाती॥  जय अम्बे गौरी॥ **************************   चण्ड मुण्ड संहारे शोणित बीज हरे | मधु - कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥   जय अम्बे गौरी॥ ************************** ब्रम्हाणी रूद्राणी, तुम कमला रानी | आगम-निगम-बखानी, तुम शिव पटरानी॥   जय अम्बे गौरी॥ ************************** चौसठ ...