आया तेरी शरण में यही सोच कर भजन लिरिक्स - Aya teri sharn me yahi soch kar bhajan lyrics by rajan ji mahraj

राजन जी महराज भजन लिरिक्स

श्री रामकथा में पूज्य राजन जी द्वारा गाया हुवा ये भजन- आया तेरी शरण में यही सोचकर, सिन्धु संसार से हम उबर जाएंगे।। - ये भगवत सरणागति पर गाया हुआ एक बहुत ही अद्वितीय भजन है। इस भजन को पूज्य राजन जी ने देवरिया, उत्तर प्रदेश की श्री रामकथा में गाया है जो दिसम्बर 2020 में हुई थी।। इस भजन की रचना पूज्य श्री तारकेश्वर मिश्र " राही " जी ने की है। 

भजन लिरिक्स

 आया तेरी शरण में यही सोच कर ,

सिंधु संसार से हम उबर जाएँगे ,

आपने अगर हमे नाथ ठुकरा दिया ,

आपही सोचिये हम किधर जाएँगे ,

आया तेरी शरण में यही सोच कर ,

सिंधु संसार से हम उबर जाएँगे ,


आपका नाम मोती है लेकर उसे ,

प्रेम के तार में कोचता रह गया ,

आपने अपनी नज़रे अगर फेर ली ,

सारे मोती जमी पर बिखर जाएँगे , 

आया तेरी शरण में यही सोच कर ,

सिंधु संसार से हम उबर जाएँगे ,


देखता हूँ सदा आपको पास में ,

आपही ही है  बसे मेरी हर साँस में ,

आप ही तो मसीहा अनाथो के है ,

हमको ठुकराए तो हम किधर जाएँगे ,

आया तेरी शरण में यही सोच कर ,

सिंधु संसार से हम उबर जाएँगे ,


गलतियाँ हम किये होंगे हम इंसान ,

माफ़ करना प्रभु आपका काम है , 

हम है रही भटकते रहे उम्र भर ,

साथ दे दो तो शायद उभर जाएँगे , 

आया तेरी शरण में यही सोच कर ,

सिंधु संसार से हम उबर जाएँगे ,



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