सतगुरु मैं तेरी पतंग 
हवा विच उडदी जावांगी, 

तुमने न पकड़ी डोर 
तो मै गिर जाउंगी

सतगुरु मैं तेरी पतंग 
बाबा मैं तेरी पतंग

बड़ी नाज़ुक है ये डोरी
इसे तुम रखना थाम के

तेरा हाथ रहे जो सर पर
तेरा हाथ रहे जो सर पर

ये राह बड़ी कठिन है
और उचा है आकाश

है बस यही तमन्ना
मै आ जाऊ तेरे पास
मै छोड़ के झूठे जग को 
तेरी हो जावांगी

तुमने न पकड़ी डोर 
तो मै गिर जावांगी

सतगुरु मैं तेरी पतंग 
हवा विच उडदी जावांगी, 


Post a Comment

Previous Post Next Post